Sunday, June 14, 2020

दूसरों की भलाई के खोजी रहो...


जो यत्न से भलाई करता है वह औरों की प्रसन्नता खोजता है, परन्तु जो दूसरे की बुराई का खोजी होता है, उसी पर बुराई आ पड़ती है। (नीतिवचन 11:27)


प्रभु यीशु मसीह के अतुल्य नाम में आप सभी को भाई राजेश का प्यार भरा जय मसीह की...दोस्तों इस वचन को पढने से हमें पुराने नियम की एक घटना स्मरण आती है जहाँ मोर्दकै नाम का ऐसा व्यक्ति है जो दूसरे देश में बंधुआ होने के बावजूद उस देश के प्रति वफादार है...उसे बिकतान और तेरेश नामक दो देशद्रोहियो के विषय में पता चलता है जो राजा की हत्या करना चाहते हैं..(एस्तेर 2:21) यह बात वह किसी तरह राजा तक पहुंचाता है और राजा की जान बच जाती हैं...इस प्रकार मोर्दकै हमेशा भलाई की खोज में रहता है...

लेकिन इस कहानी में उसी देश में हामान नामक एक विलेन (खलनायक) भी रहता है  जो हमेशा दूसरों की बुराई ही ढूंढता रहता है ...उसे बस अपनी बढ़ाई और प्रशंसा सुनने की आदत थी...जब उसने देखा की मोर्दकै उसे नमस्कार नहीं करता...क्योंकि यहूदी अपने परमेश्वर यहोवा को छोड़ और किसी के साम्हने अपना सिर नहीं झुकाते...तो इस दुष्ट हामान के मन में फिर बुराई कौंध गई और उसने...बिना किसी कारण के न केवल मोर्दकै को मारने की वरन उसकी पूरी की पूरी कौम को नाश करने की साजिस कर डाली...उसने अपने घर में एक पचास हाथ ऊंचा खंबा तक लगवा दिया जिसके ऊपर फांसी का फंदा था, ताकि वो मोर्दकै को उसमें जिन्दा लटकवा सके... लेकिन परमेश्वर का धन्यवाद हो वो किसी धर्मी को नाश होने नहीं देता...आखिरकार खलनायक हामान की चाल उलटी पड़ती है और एक रात राजा को नींद नहीं आती और वो मोर्दकै के भलाई की सुधि करता है और उसे पूरे राज्य में उसी खलनायक के हाथों सम्मानित करवाता है... और दूसरी ओर खलनायक हमान को उसी ही के  बनाये फांसी के फंदे में लटकवा दिया जाता है...

आइये अपने देश अपने लोगों के प्रति भलाई के खोजी बने रहें...परमेश्वर इन वचनों के द्वारा आपको आशीष दे

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