Wednesday, June 10, 2020

अंत में वो हमारी आशा पूरी करेगा


जब बहुत दिनों तक न सूर्य न तारे दिखाई दिए, और बड़ी आंधी चल रही थी, तो अन्त में हमारे बचने की सारी आशा जाती रही।
….परन्तु अब मैं तुम्हें समझाता हूं, कि ढाढ़स बान्धो; क्योंकि तुम में से किसी के प्राण की हानि न होगी, केवल जहाज की। (प्रेरितों के काम 27:20-22)

प्रभु यीशु मसीह के अतुल्य नाम में सभी भाई बहनों को आपके भाई राजेश का प्यार भरा जय मसीह की...दोस्तों एक बार किसी बाइबल के शिक्षक ने सन्डे स्कूल के छात्रों से सवाल किया, “क्या तुममें से कोई प्रकाशित वाक्य की पूरी पुस्तक को कुछ शब्दों में कह सकता है” एक बच्चे ने बड़े ही आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया यह तो बहुत ही सरल है...शिक्षक ने बड़ी उत्सुकता के साथ उसकी ओर देखकर कहा बोलो... बच्चा बड़ी ही दृढ़ता से उत्तर दिया यही कि...*यीशु जीत गया* यीशु विजयी हुआ.... जब हमने किसी फ़िल्म को अंत तक देखा है और उसे दुबारा देखने का अवसर मिले तो, हम बीच में नायक को शत्रुओं से घिरे हुए देखकर हैरान नहीं होते, परेशान नहीं होते...जब हमारे इर्द गिर्द बैठे लोग घबराए हुए होते हैं हमे मालूम होता है हमारा नायक तो जीत चुका है...

एक ऐसे ही दौर से विश्वास की अच्छी दौड़ दौड़ने वाले संत पौलुस को जाना 

पड़ा...जब सूबेदार और सिपाहियों ने उसे कैद करके समुद्र के रास्ते से ले जा 

रहे थे कैसर के पास न्याय के लिए ले जा रहे थे...एक बड़ी भयंकर मुसीबत

 का सामना करना पड़ा...आंधी से जहाज टूट गया...सारी भोजन सामग्री नाश हो गई...भूख से बेहाल .., मौसम इतना खराब की कई दिनों तक सूरज और चाँद भी नहीं दिखा .... आशा की कोई किरण नहीं...दूर दूर तक मौत का भय दिखाने वाला समुद्र...और रूह को कंपा देने वाली आंधी के बीच बुरे हाल में कई दिन बीत गए...  तब उनके मध्य परमेश्वर का दास पौलुस परमेश्वर की ओर से प्रतिज्ञा पाकर कहता है...ढाढस बांधो...हिम्मत रखो...हौसला रखो...तुम नहीं मरोगे(प्रेरित 27:22) ...क्योंकि मैं परमेश्वर पर भरोसा रखता हूँ, उसने जैसा मुझसे कहा है वैसा ही होगा...जो जानता है अंत में क्या होने वाला है उसे कोई डर नहीं होगा...हर कठिन समय में हर युग में खुदा अपने लोगो पर स्वयं को प्रकट करता आया है तब वे ऊंची आवाज में कहते हैं...मुझे तो निश्चय है, कि मेरा छुडाने वाला जीवित है, और वह अंत में पृथ्वी पर खड़ा होगा( अय्यूब 19:25) ...दोस्तों जब सैनिक और सूबेदार निराशा भरे मौजूदा हालात का वर्णन कर रहे थे पौलुस की निगाहें परमेश्वर से आशा पा रही थीं....आइये वर्तमान निराशा भरी खबरों को नजरअंदाज करें और अपनी निगाहें आशा के दाता पर लगाएं...उसने सारे संसार को जीत लिया है...और अंत में वो हमारी आशा पूरी करेगा...परमेश्वर इन वचनों के द्वारा आपको आशीष दे आपका भाई राजेश...   

1 comment:

  1. जय मसीह की, बहुत सुंदर तरीके से आप ने वर्णनन किया है। प्रभु आप को आशीष दे।

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तोड़े को तुरंत इस्तेमाल करें ....

*तब जिस को पांच तोड़े मिले थे, उस ने तुरन्त जाकर उन से लेन देन किया, और पांच तोड़े और कमाए।*(मत्ती 25:16) प्रभु यीशु मसीह के अतुल्य ना...

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