Tuesday, June 2, 2020

खुदा का भवन उजाड़ पड़ा है...

क्या तुम्हारे लिये अपने छत वाले घरों में रहने का समय है, जब कि यह भवन उजाड़ पड़ा है? (हाग्गै 1:4)


प्रभु के अतुल्य नाम में आप सभी प्रिय जनों को प्रेम भरा जय मसीह की मैं आपका भाई राजेश, दोस्तों नि:संदेह हम जीवित प्राणियों ने आज के जैसे संकट पहले कभी नहीं देखे आज इन दिनों के जैसे समस्याओं का सामना हमारे देखते कभी नहीं झेलने पड़े, ऐसे में अनायास ही हमारे अंदर से खुदा के सम्मुख सवालों का अम्बार लगना लाजमी है, स्वभाविक ही है की हम कराहते हुए चिल्ला उठें, ऐसा क्यों प्रभु... तू कहाँ है प्रभु... क्यों आकाश से ओस टपकना बंद हो गया...पृथ्वी से अन्न उपजना बंद हो गया...क्यों सारी कमाई पर अकाल हो गया?


परन्तु एक पल ठहरकर रुक कर ध्यान से सुनने की कोशिश करें...उस खुदा की वेदना क्या है, वो किस बात के लिए कराह रहा है, वो सदियों से मानव जाति से क्या चाह रहा है...परमेश्वर जो एक भी व्यक्ति के, यहाँ तक की दुष्ट अधर्मी के मरने से भी खुश नहीं होता...उसने इतनी बड़ी त्रासदी को कैसे अनुमति दे दिया...वो एक भविष्यवक्ता के जरिये कहता है...तुम्हें हमेशा से अपने घर की चिंता थी...कभी मेरे घर की भी चिंता करते...मेरा घर उजाड़ पड़ा है...वीरान है...कोई उसकी चिंता नहीं करता...वहां के बाड़े गिरे हुए हैं...दरवाजे जर जर हालत में हैं...दीवारों की हालत दयनीय है...उस समय तुम्हारे घरों में छत है....मेरा घर टपकता है...सबको अपने हित की चिंता है...

इसी कारण आकाश से ओस टपकना बंद हो गया...पृथ्वी से अन्न उपजना बंद हो गया...इसी कारण तुम्हारी सारी कमाई पर अकाल हो गया (हाग्गै 1:10)

ओह्ह... लेकीन फिर भी मैं तुमसे प्यार करता हूँ...क्या तुम नहीं जानते वो घर तुम हो जिसमें मैं रहना चाहता हूँ मैंने तुम्हें कभी नहीं त्यागा... सुनो यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानि की नहीं, वरन कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूंगा। तब उस समय तुम मुझ को पुकारोगे और आकर मुझ से प्रार्थना करोगे और मैं तुम्हारी सुनूंगा । तुम मुझे ढूंढ़ोगे और पाओगे भी; क्योंकि तुम अपने सम्पूर्ण मन से मेरे पास आओगे।मैं तुम्हें मिलूंगा, यहोवा की यह वाणी है, और बंधुआई से लौटा ले आऊंगा; (यर्मियाह 29:11-14) आओ उसके निकट आयें ताकि वो भी हमारे निकट आ सके (याकूब 4:8)जिसने घाव दिए वो ही मरहम भी लगाएगा ... परमेश्वर इन वचनों के द्वारा आपसभी को आशीष दे आपका अपना भाई राजेश 

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