Friday, May 29, 2020

आओ तैयारी करें


“जागृत हो, और उन वस्तुओं को जो बाकी रह गई हैं और जो मिटने को हैं,

 उन्हें दृढ कर”: (प्रकाशितवाक्य 3:2 )


प्रभु यीशु के अतुल्य नाम में सभी को जय मसीह की मैं आपका भाई राजेश, दोस्तों मनुष्य ने प्रारंभ से परमेश्वर की पृकृति के साथ छेड़छाड़ कर खुबसूरत धरा को बिगाड़ा ही है और जो कुछ उसने इस धरा में बनाया है वो भी छणभंगुर ही है मतलब कुछ समय का ही है...परन्तु परमेश्वर ने जो कुछ मनुष्य के अंदर रखा है वो चाहता है कि उन वस्तुओं का कभी नाश न  हो l जिसके कारण मनुष्य मनुष्य कहलाता है जैसे प्रेम, आनन्द शान्ति, धीरज, कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता और संयम l  लेकिन मनुष्य का घमंड पृकृति के साथ साथ इन अमर चीजों का भी नाश कर रहा है...अपने चारो ओर देखकर ऐसा प्रतीत होता है सभी को अपने ही हित की चिंता है....परमेश्वर यह वचन अपनी कलीसिया से कह रहा है...प्रभु को संसार से उतनी अपेक्षा नहीं जितनी उसके अपने लोगों से है....मेरे लोग जो मेरे कहलाते हैं यदि वो दीन हों और अपनी बुरी चाल से फिरे...हम कलीसिया को प्रभु ने स्वर्ग और अधोलोक की कुंजियाँ दी हैं...हमें टूटे हुए बाड़ों को सुधारने  का काम दिया गया है...हम कलीसिया ही अपने देश अपने नगर के पहरुए हैं...और देखो बाकी सब कुछ...यहाँ तक की उनका देश भी ज्यों का त्यौं हो जायेगा...
आइये अपने अधिकार को फिर से पहचाने...आओ अपनी कुप्पी में तेल भरें...उसकी बरात की ध्वनि सुनाई दे रही है...समय कम है आओ जो बातें मिटने को हैं उन्हें जल्दी जल्दी दृढ़ करें ....आओ अपने दूल्हा के साथ जाने की अपार ख़ुशी में  इस दुनिया को अलविदा कहने की तैयारी करें...
आपका अपना भाई राजेश

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