Friday, May 29, 2020

पवित्र सलाह


रहूबियाम ने उस सम्मति को छोड़ दिया, जो बूढों ने उसको दी थी, और उन जवानो से सम्मति ली, जो उसके संग बड़े हुए थे, और उसके सम्मुख उप्स्स्थित रहा करते थे l” (1 राजा 12:8)

 प्रभु यीशु के अतुल्य नाम में सभी को जय मसीह की मैं आपका भाई राजेश, दोस्तों सलाह एक ऐसी चीज है जो अक्सर मुफ्त होती है लेकिन यदि एक अच्छी सलाह किसी की जिन्दगी बना सकती है तो एक बुरी सलाह उसकी जिन्दगी पूरी तरह से बर्बाद भी कर सकती  है l   सलाह सोच समझ कर लेना चाहिए...ऐसा ही एक बेहतरीन उदाहरण हम पवित्रशास्त्र में पाते हैं, बुद्धिमान राजा सुलेमान का  पुत्र रहूबियाम जब राजा बना तो उसके सामने उसकी पूरी प्रजा आकर प्रश्न करती है...जिसका जवाब उस राजा के पास भी नहीं होता है इसलिए वह 3 दिन का समय मांग लेता है और बैचेन हो जाता है की उस सारी प्रजा को क्या उत्तर देगा उस समय कुछ उस राज्य के हितैषी (हित चाहने वाले बुजुर्ग ) जो उससे पहले उसके पिता को भी सलाह दिया करते थे सलाह देते हैं...स्मरण हो उनकी सलाह से ही सुलेमान युद्ध जीतता था और महा प्रतापी हो गया था, (नीतिवचन 11:14) परन्तु रहूबियाम उनकी सम्मति को सलाह को छोड़ देता है और अपने जवान दोस्तों की सलाह लेता है जो उसे घमंडी होने की सलाह देते है...स्मरण रहे बुरी संगती अच्छे चरित्र को बिगाड़ देती है...और ये हुआ भी..उन जवान लोगो की सलाह से पूरा वैभवशाली राज्य छिन्न भिन्न हो गया...फिर वो सामर्थी एकता में न बना रहा....

  पवित्र आत्मा इन वचनों के द्वारा हमसे सवाल करता है कि आज हम किसकी सलाह पर चलते हैं, उनकी सलाह पर जो परमेश्वर के साथ चलते हैं प्रभु में हमारे सीनियर हैं, या उन लोगों के जो हमारे सामने जी हुजूरी करते रहते हैं...पवित्रात्मा की सलाह सबसे पहले लें ‘जो ज्ञान ऊपर से आता है वो पहले तो पवित्र होता है (याकूब 3:17) पवित्र सलाह लें फिर वो चाहे आपकी सेवा क्षेत्र हो या आपका व्यक्तिगत जीवन, प्रभु आपको इन वचनों के द्वारा बहुत आशीष दे प्रभु चाहा तो फिर मिलेंगे इसी श्रंखला में पवित्रशास्त्र की सलाह के साथ तब तक  आपका अपना भाई राजेश     

 


No comments:

Post a Comment

Thanks for Reading... यदि आपको ये कहानी अच्छी लगी है तो कृपया इसे अपने मित्रो को शेयर करें..धन्यवाद

तोड़े को तुरंत इस्तेमाल करें ....

*तब जिस को पांच तोड़े मिले थे, उस ने तुरन्त जाकर उन से लेन देन किया, और पांच तोड़े और कमाए।*(मत्ती 25:16) प्रभु यीशु मसीह के अतुल्य ना...

Followers