विश्वासयोग्यता (कहानी)





जो थोड़े से थोड़े में सच्चा है, वह बहुत में भी सच्चा है; और जो थोड़े से थोड़े में अधर्मी है, वह बहुत में भी अधर्मी है
 (लूका 16:10)

  •  एक परमेश्वर का दास (पास्टर) को बस स्टेंड में  बस के इंतजार में खड़े हुए आधे घंटे हो चुके थे। 

  •  पास्टर की पोस्टिंग (ट्रांसफर) रामनगर गाँव में हुआ था जो शहर से 50 किलोमीटर दूरी पर था...वे पहली बार इस गाँव जा रहे थे।  

  •  पास्टर जी बड़े ही खुश थे, इस नए सुंदर जगह जाने के लिए...जैसे ही रामनगर की बस आई...पास्टर जी ने राहत की सांस ली और तुरंत उसमें चढ़कर कन्डक्टर से कहा मुझे रामनगर जाना है, वहां का कितना किराया है। 

  • कन्डक्टर ने कहा 50 रूपये, पास्टर जी ने तुरंत सौ रूपये का नोट कन्डक्टर देते हुए, अपनी सीट पर बैठ गए...कन्डक्टर ने भी भीड़ ज्यादा होने के कारण उन्हें टिकिट के साथ 150 रूपये दे दिए। 

  • पास्टर जी ने तुरंत उन पैसों को अपनी जेब में रख लिए और सोचने लगे अरे वाह कन्डक्टर ने गलती से मुझे 100 रूपये ज्यादा दे दिए। 

  •  थोड़ी दूर चलने पर उन्हें लगा नहीं ये ठीक बात नहीं हैं उससे गलती हुई है कम से कम मुझे तो उसे याद दिला कर उन अतिरिक्त पैसों को वापस कर देना चाहिए। फिर मन कहता अरे मैंने कोई गलती नहीं की इसे इतना भी हिसाब किताब नहीं आता क्या??...इस प्रकार बहुत देर तक उनके मन में उथल पुथल चल रही थी...

  •  बहुत देर के बाद पास्टर जी ने हिम्मत की और उस कन्डक्टर को 100 रुपए वापस लौटते हुए बोले...तुमने मुझे 100 रूपये ज्यादा दिए थे...ये ले लो..

  •  कन्डक्ट मुस्कुराते हुए बोला...जय मसीह की पास्टर जी मैंने जान बूझकर ये ज्यादा पैसे आपको दिया था...मुझे माफ करना मैं देखना चाहता था कि हमारे नए पास्टर जी कैसे हैं...

  • मैं भी उस रामनगर चर्च का एक विश्वासी हूँ। और आपको बस स्टैंड में बाइबल के साथ देखकर पहचान गया थ, कि हमारे चर्च में जो नए पास्टर आने वाले हैं वो आप ही हैं...  हमें ख़ुशी है कि आप हमारे चर्च में पास्टर बनेंगे...
खुद को 'गलत' भी 'सही' आदमी ही मान सकता है!! 


  Bible Verses - Faithfulness  



(मत्ती 25:23)
उसके स्वामी ने उससे कहा, धन्य हे अच्छे और विश्वासयोग्य दास, तू थोड़े में विश्वासयोग्य रहा; मैं तुझे बहुत वस्तुओं का अधिकारी बनाऊंगा अपने स्वामी के आनन्द में सम्भागी हो। 

(नीतिवचन 28:20)
 सच्चे मनुष्य पर बहुत आशीर्वाद होते रहते हैं, परन्तु जो धनी होने में उतावली करता है, वह निर्दोष नहीं ठहरता। 

(1 कुरुन्थियों 4:2) 
फिर यहाँ भंडारी में यह बात देखि जाती है, कि विश्वासयोग्य निकलें। 

(नीतिवचन 11:1,3) 
छल के तराजू से यहोवा को घृणा आती है, परन्तु वह पूरे बटखरे से प्रसन्न होता है। ...सीधे लोग अपनी खराई सा अगुवाई पाते हैं, परन्तु विश्वासघाती अपने कपट से विनाश होते हैं । 








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