माँ का हिसाब-किताब




अपनी माता और पिता का आदर कर यह पहली आज्ञा है जिसके साथ प्रतिज्ञा भी कि तेरा भला हो और तू धरती पर बहुत दिन जीवित रहे (इफिसियों 6:2-3) 


  •  माँ ने अपने बेटे को पिता के गुजरने के बाद बड़े नाजो से पाला था।पल पल सोचती थी कि वो उसके बुढापे की लाठी बनेगा। 
  •  बेटा अब शादी शुदा है और एक बड़ा अफसर बन चुका है। 
  • बुजुर्ग माँ अपनी बहु और बेटे के घर में दिन भर कुछ न कुछ काम करती रही है...
  • खुद को काम में व्यस्त रखती है ताकि बहु की खरी खोटी बातों से बच सके।
  • बेटा जब भी आफिस से घर आता उसकी पत्नी उसके कान भरा करती थी...और उसकी माँ के खिलाफ बुराई किया करती थी।
  •  एक दिन गुस्से में आकर बेटे ने अपनी माँ से कहा, "माँ मैं तेरा हिसाब-किताब करना चाहता हूँ...
  •  खाली चेक देकर माँ से कहा, आज तक मेरे परवरिस में और पढ़ाई लिखाई में जो कुछ खर्च हुआ हो वो बता दे.... ले जो तू चाहती है इसमें भर दे..या बोल कितना पैसा लेना चाहती है...मेरे पास बहुत पैसे हैं तू पैसे ले कर हमारा पीछा छोड़।
  • मैं घर में रोज रोज की किचकिच से छुटकारा पाना चाहता हूँ । 
  •  इतना सुनते ही माँ के आखों में आंसू छलक आए और वह उन आंसुओं को छिपाते हुए बोली...बेटा थोडा समय देगा...बहुत ज्यादा हिसाब है तुझे बचपन से अब तक जो पाला है ।
  • बेटे ने भी कहा हाँ हाँ एक सप्ताह का समय ले ले माँ । 
  • माँ को रात भर नींद नहीं आई घर में सभी सो रहे थे। 
  • माँ बड़े तड़के सुबह उठ कर देखी कि बेटा बड़ी गहरी नींद सो रहा है
  • माँ ने एक बाल्टी ठंडा पानी ली और धीरे से उसके बिस्तर के एक तरफ डाल दी...आधा बिस्तर गिला हो चूका था...
  • जैसे ही बेटे ने करवट ली वह तुरंत चिल्लाया..अरे यह किसने किया...
  • उसने माँ को देखकर गुस्से में लाल हो गया...माँ पागल हो गई है क्या ये क्या कर रही है...पूरा बिस्तर गीला कर दी...
  • माँ ने कहा, 'बेटा तू ही ने कहा था...हिसाब कर ले...वही कर रही हूँ।
  •  बेटा नींद से जाग चुका था ...उठते हुए  बोला क्या मतलब ...
  • माँ ने कहा, 'जब तू छोटा था तो एक रात में ही  न जाने कितनी बार मेरा बिस्तर गिला कर दिया करता था...मुझे कई कई रात उस गीले बिस्तर में लेटकर रात बिताना पड़ा है....अभी तो और भी हिसाब बाकी है बेटा...
  • सुनते ही बेटे का सारा घमंड काफुर हो चुका था...वह माँ के पैर पर गिर कर माफी मांगने लगा...माँ मैं पैसे के घमंड में अँधा हो गया था...
  • मैं अपने जीवन भर तेरे कर्ज को कभी नहीं चुका पाउँगा
मिलने को तो हजारो मिल जाते हैं परन्तु हजारों गलतियाँ माफ करने वाले माँ बाप फिर नहीं मिलते 


2 comments:

Thanks for Reading... यदि आपको ये कहानी अच्छी लगी है तो कृपया इसे अपने मित्रो को शेयर करें..धन्यवाद

मित्रों कई बार हमारे मनो में ख्याल आता है, कि हमें बाइबल क्यों पढना चाहिए?  इसके लिए बाइबल से ही मैं आपको जवाब देना चाहती हूँ मैं ...

Followers