सफलता का सबसे बड़ा शत्रु बहानेबाजी


सफलता का सबसे बड़ा शत्रु बहानेबाजी

(लूका 9:59-62) यीशु ने दूसरे से कहा, मेरे पीछे हो ले; उस ने कहा; हे प्रभु, मुझे पहिले जाने दे कि अपने पिता को गाड़ दूं। यीशु ने उस से कहा, मरे हुओं को अपने मुर्दे गाड़ने दे, पर तू जाकर परमेश्वर के राज्य की कथा सुना एक और ने भी कहा; हे प्रभु, मैं तेरे पीछे हो लूंगा; पर पहिले मुझे जाने दे कि अपने घर के लोगों से विदा हो आऊं। यीशु ने उस से कहा; जो कोई अपना हाथ हल पर रखकर पीछे देखता है, वह परमेश्वर के राज्य के योग्य नहीं॥
यहाँ एक घटना है जहाँ प्रभु यीशु लोगों को सेवा के लिए अवसर प्रदान करते हुए आह्वान करते हैं परन्तु लोग अनेक प्रकार के बहाने बनाने लगते हैं

1. एक ने कहा पहले जाने दे की अपने पिता को गाड़ आऊं..यह एक बहाना था क्योंकि उसका पिता अभी जीवित था मरा नहीं...वह बहाने बना रहा था की जाए और इंतजार करे जब तक पिता जीवित रहे तब तक वह अपने अनुसार जीवन जिए और जब पिता मर जाए तो फिर सोचेगा क्या करना है।

2.    दूसरे ने भी कहा मुझे जाने दे ताकि मैं अपने घर के लोगों से विदा हो आऊं। यह भी एक बहाना था, कि किसी रीति से मैं इस बुलाहट से वापस जाऊं और अपने सभी रिश्तेदारों से मिलूं यदि कोई भी नकारात्मक बातें कहे तो मै उसका बहाना बना कर परमेश्वर के कार्य से बचा रहूँगा...

यहाँ प्रभु यीशु निष्कर्ष में कहते हैं जो हल में हाथ रखकर पीछे देखता है वह परमेश्वर के राज्य के योग्य नहीं...परमेश्वर बहानेबाजों को पसंद नहीं करता...बहाने बनाना आलस्य की निशानी है क्योंकि आलसी कहता है चौक में शेर होगा और इस रीति से वह काम करने नहीं जाता...वह अभी बाहर गया ही नहीं उसे कैसे पता की चौराहे में क्या है....ऐसा प्रतीत होता है लोगों के पास बहाने के थैले भरे होते है जैसे ही किसी ने कहा...देर से क्यों आये...तुरंत एक बहाना...जी मार्ग में ट्रैफिक ज्यादा था...या वाहन खराब हो गया था। आदि आदि
याद रखें बहाना हमें असफलता की ओर ले जाता है।  
सफलता चाहे आत्मिक हो या भौतिक शैक्षणिक हो या शारीरिक उसका सबसे बड़ा शत्रु है तो वो है बहानेबाजी मार्क ट्वेन ने कहा है  “असफलता के हजार बहाने हो सकते हैं, लेकिन अच्छा कारण एक भी नहीं होता।” यदि आप भी वही करते हैं जो अन्य सफल लोग बार-बार करते हैं, तो कोई भी चीज आपको अंतत: उनके
समान पुरस्कार पाने से नहीं रोक सकती। पवित्रशास्त्र बताता है, “इंसान जो बोता है, वही काटता है।” आप जो भी चीज अंदर डालते हैं, वही आपको बाहर मिलती है। आप आज जो फसल काट रहे हैं, वह आपके द्वारा अतीत में बोए गए बीजों का परिणाम है। यदि आप अपनी वर्तमान की “फसल” से खुश नहीं हैं, तो आज ही से नई फसल बोना शुरू करें। जो काम आपको सफलता की ओर ले जाते हैं उन्हें अधिक कीजिए और जो बेकार के काम हैं उन्हें छोड़ दें।

अब कोई बहाना नहीं

यदि आप सोचते हैं की परमेश्वर आपको स्तेमाल नहीं कर सकता तो स्मरण करें...
  •          अब्राहम बहुत बुजुर्ग थे
  •        याकूब एक धोखेबाज था
  •        लिया एक बदसूरत स्त्री थी
  •        युसुफ कैदी थे
  •        मूसा हकले थे
  •         गिदोन डरपोक थे
  •        सिमशोन लंबे बालों बाले स्त्री के पीछे दीवाने थे
  •        राहाब वेश्या थी
  •        यर्मियाह और तिमोथी बहुत ही जवान थे
  •        दाऊद से एक हत्या हुई थी और वह एक लव अफेयर में भी था
  •        एलिय्याह आत्महत्या करना चाहता था
  •        यशायाह ने नग्न होकर प्रचार किया था
  •        योना परमेश्वर के पास से भागना चाहा था
  •        नाओमी एक विधवा थी
  •        अय्यूब का सब कुछ बर्बाद हो चुका था
  •         यूहन्ना टिड्डे खाता था
  •        पतरस ने यीशु को इंकार किया था
  •        मार्था हर बात में चिंता करती थी
  •        जक्कई बहुत नाटा था
  •        सामरी स्त्री को कई बार तलाक मिल चुका था
  •        पौलुस सताने वाला था
  •        तिमोथी के पेट में समस्या थी

इन सब के बावजूद परमेश्वर ने इन लोगों को स्तेमाल किया। यदि आप सोचते हैं कि अभी भी कोई ऐसी बात है जो आपको पमरेश्वर के काम के लिए रोक रही है तो वह केवल शैतान का झूठ है। विश्वास करें परमेश्वर हमसे प्रेम करता है, और उसका वायदा है कि यदि हमारे पाप अर्गवानी रंग के भी क्यों न हों वह हमें धोकर हिम के जैसे सफेद करने में सक्षम है।

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7 comments:

  1. Thank you Brother John and Hemant Bhai may God bless you...

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  2. Very true and beautiful story..
    We must always be ready to do God's work.

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  3. Very true and beautiful story..
    We must always be ready to do God's work.

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  4. धन्यवाद मित्रों आपके सराहना भरे शब्दों के लिए

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मित्रों कई बार हमारे मनो में ख्याल आता है, कि हमें बाइबल क्यों पढना चाहिए?  इसके लिए बाइबल से ही मैं आपको जवाब देना चाहती हूँ मैं ...

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