आनन्दित रहने का रहस्य (Story)





  • नरेश हमेशा परेशान रहता था, अपनी पत्नी के बारे में परिस्थिति के बारे में हमेशा शिकायत करता रहता था, कि पत्नी खाना ठीक से नहीं बनाती है...बोस ठीक से बात नहीं करते..दोस्त सभी बेकार हैं आदि आदि...एक दिन वह बड़ा ही निराश होकर एक बुद्धिमान व्यक्ति के पास गया जो कलीसिया का पासवान भी था।

  • पासवान ने नरेश को कुछ सिखाने की मनसा से कहा आप एक काम करो...मेरे घर के पास एक गुलाब के फूलों का बगान है...उसमें से सबसे सुंदर, सबसे खुशबूदार, सबसे ताजा फूल लेकर आओ। तब मैं तुम्हें इस परिस्थिति से निकलने का रहस्य बताऊंगा। 
  •  परन्तु एक शर्त है तुम्हें पीछे मुड़कर गुलाब को नहीं तोड़ना है केवल आगे के सामने आने वाले ही एक फूल को तोड़ना है। 
  •  नरेश को शर्त बड़ी अजीब लगी लेकिन उसे परेशानी से बाहर आने के लिए हर शर्त मंजूर थी
  •  नरेश उसी समय बड़ी ख़ुशी से उस गुलाब के बगान में गया और उसने देखा बगान गुलाब के फूलों की खुशबु से भरा था। 
  •  उसने सोचा और थोडा और बगान के अंदर जाने की सोचा..उसे लगा अंदर और भी सुंदर खुशबूदार फूल होंगे...और वह बहुत से गुलाब के फूलों को देखता और खुशबु लेता और आगे बढ़ता गया। 
  •  हर फूल को देखने पर उसे लगा शायद इससे भी बढ़िया और आगे होगा इसी आशा में वह आगे बढ़ता गया और बहुत से बेहतरीन फूलों को पीछे छोड़ता गया
  •  उसे पता ही नहीं चला कि कब वह बाहर निकलने के द्वार के पास आ गया...उसे लगा अरे मैंने तो एक भी फूल नहीं तोड़ा..लेकिन अब केवल खराब से मुरझाए हुए और बिना खुशबु के ही फूल बचे थे वे ताजा भी नहीं दिख रहे थे...
  •  लेकिन अब उसके पास और कोई विकल्प नहीं था और उसने उनमें से एक फूल तोड़ा और पासवास ने पास लेकर आया...
  •  पासवान ने उस मुरझाए फूल को देखकर बड़ा आश्चर्य किया और कहा अरे क्या बगान में यही एक मात्र फूल था जो तुम्हें पसंद आया...क्या इससे बेहतर फूल आपको नहीं मिला? 
  •  नरेश बड़ी गलती महसूस करते हुए कहने लगा...नहीं नहीं इससे भी ज्यादा बढ़िया खुशबूदार और ताजा फूल थे...लेकिन मैंने ही यह सोचकर की शायद इससे भी अच्छे फूल आगे मिलेंगे...मैंने उन्हें छोड़कर आगे चलता चला गया लेकिन...आखरी में मुझे पता चला की मैं तो बगान के अंत में आ गया इसलिए मैं जो सामने मिला उसे ही ले आया...इसके लिए सॉरी!!  
  • पासवान ने मुस्कुराते हुए कहा यही आपके जीवन की समस्या है...आप केवल समस्याओं को फोकस करते हो...परमेश्वर की दी हुई भलाइयों को ध्यान नहीं देते... आप केवल भविष्य में आने वाली खुशियों की तलाश करते हो...लेकिन जो आशीषें अभी हैं उन्हें इन्जॉय नहीं कर पाते...आने वाले कल की अनजान ख़ुशी के लिए आप आज के वर्तमान छोटी छोटी ख़ुशी और आनन्द का कत्ल कर देते हो....  
  • नरेश समझ गया था कि उससे कहाँ गलती हो रही थी....अब उसे अपनी समस्या से बाहर आने का रास्ता मिल चूका था     



 Bible Verse On Happiness and Joy  

(भजनसंहिता 118:24) 
आज का दिन यहोवा ने बनाया है हम इसमें मगन और आनन्दित हों ।

(1 यूहन्ना 3:18) 
हम वचन और जीभ ही से नहीं बल्कि काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें

(फिलिप्पियों 4:4)
प्रभु में सदा आनन्दित रहो, मैं फिर कहता हूँ, आनन्दित रहो

(यशायाह 12:3) 
तुम आनन्दपूर्वक उद्धार के सोतों से जल भरोगे


(भजन संहिता 32:11) 
हे धर्मियों यहोवा के कारण आनन्दित और मग्न हो, और हे सब सीधे मन वालों आनन्द से जय जयकार करो






1 comment:

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