अतीत मत भूलो

  •  गाँव में एक रामू नामक मेहनती व्यक्ति रहता था, जो बहुत ही गरीब था...

  •  एक दिन रोजगार की तलाश में वह शहर गया जहाँ उसने देखा की कुछ लोग एक रथ को गढ्ढे से बाहर खींच रहे हैं...रामू भी दौड़कर उस रथ को निकलवाने के लिए सहायता करने लगा, यह रथ उस देश के राजा का था, और राजा दूर से यह सब कुछ देख रहा था...राजा ने रामू को उसके इनाम के रूप में अपने बाग़ का माली बना लिया

  • रामू अपने इस काम से बड़ा खुश था,  एक दिन रामू अपने घर को चिट्टी लिख रहा था की अचानक राजा ने देखा और आश्चर्य से पूछा तुम पढ़ना लिखना भी जानते हो...रामू ने बताया कि उसने स्नातक तक पढ़ाई की है...

  •  राजा ने कहा तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताया...और इस तरह राजा ने उसे अपने भंडारगृह में स्टोर कीपर बना दिया, जहाँ उसे आने जाने वाले सारे माल का हिसाब किताब रखना होता था

  •  रामू की तरक्की लगातार बढ़ने लगी, उसकी आय और उसकी शान से लोग आश्चर्य करते। 

  • कुछ लोगों को रामू के ऊपर संदेह हुआ कि इतनी जल्दी रामू इतना धनी कैसे हो गया। और उन्होंने उसका पीछा करना शुरू किया....

  •  रामू इस बात से बेखबर था...एक दिन कुछ लोग जो उसका पीछा करते थे...उन्होंने देखा कि रामू रोज सुबह चुपके चुपके एक छोटे  कमरे में जाता है, और कुछ मिनिट में वहां से निकल कर उस कमरे में एक ताला लगा कर अपने काम में चला जाता था। 

  • उन लोगों ने तुरंत यह बात राजा से बताई की, राजा जी हो न हो रामू किसी दूसरे देश का जासूस है...वो एक कमरे में जाकर किसी खुफिया रास्ते से होकर हमारे देश का सारा रहस्य पड़ोसी देश को दे रहा है। 

  •  राजा को रामू की ईमानदारी पर पूरा भरोषा था...परन्तु जब सभी ने  रामू के ऊपर दोष लगाने लगे तब राजा ने स्वयं इस बात की पुष्ठी करने के लिए रामू को बुलवाया और उस कमरे में चलने को कहा...

  •  रामू थोड़ी देर तो बात को टालने की कोशिश करता रहा लेकिन जब राजा का आदेश आया तो वह उस स्थान में जाने के लिए तैयार हो गया...उसने उस स्थान में राजा और सारे कर्मचारियों के साथ जाकर कमरे का ताला खोला....वहां एक पुरानी\ लोहे की पेटी थी...

  •  राजा ने कहा, क्या है खोलो इसे....उसने जब पेटी खोली राजा और सभी देखकर दंग रह गए...उसमें पुराने फटे जूते और पुराने गंदे कपड़े थे एक कुरता और पैजामा....

  • राजा के पूछने पर रामू ने कहा राजा जी मैं रोज अपना काम करने से पहले इसे देखने आता हूँ...ये मेरे पुराने कपड़े और जूते हैं जो मेरी अतीत की याद दिलाते हैं...और मैं परमेश्वर को धन्यवाद देता हूँ की परमेश्वर ने मुझे कहाँ से उठाया है...ताकि मैं घमंड से न भर जाऊं 

  •  राजा उसे अपने गले से लगाते हुए उसे सराहा और सभी कर्मचारियों ने शर्मिदगी में अपने सिर झुका दिए। और राजा ने उसे पदोन्नति कर रामू को अपना मंत्री घोषित कर दिया  

  Bible Verses - Thanksgiving  



(1 थिस्सलुनीकियों 5:18)
हर बात में (परिस्थिति में) धन्यवाद करो; क्योंकि तुम्हार लिए मसीह यीशु में परमेश्वर की यही इच्छा है। 


(भजन संहिता 118:29)
 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योकि वह भला है; और उसकी करुणा सदा बनी रहेगी। 


(कुलुस्सियों 4:2) 
प्रार्थना में लगे रहो, और धन्यवाद के साथ उस में जागृत रहो। 


(भजन संहिता 9:1) 
हे यहोवा मैं अपने पूर्ण मन से तेरा धन्यवाद करूँगा; मैं तेरे सब आश्चर्य कर्मों का वर्णन करूँगा। 


(2 कुरुन्थियों 9:15)
परमेश्वर को उसके उस दान के लिए जो वर्णन से बाहर है, धन्यवाद हो। 











2 comments:

Thanks for Reading... यदि आपको ये कहानी अच्छी लगी है तो कृपया इसे अपने मित्रो को शेयर करें..धन्यवाद

घमंड. परमेश्वर के साथ चलने की सबसे बड़ी बाधा

मित्रों प्रभु यीशु में आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार, हम कुछ सप्ताह से सीख रहे हैं कि कैसे हम परमेश्वर के साथ-साथ चल सकते हैं...पवित्रश...

Followers