अपना काम खुद करो





 हम भले काम करने में हियाव न छोड़े, क्योंकि यदि हम ढीले न हों, तो ठीक समय पर कटनी काटेंगे
(गलतियों 6:9) 

  • एक बार एक किसान के गेंहू के खेत में एक चिड़िया ने घोसला बना रखा था। उस घोसले में उसने अंडे दिए।

  • कुछ समय बाद अंडो में से बच्चे निकले। चिड़िया दाना चुगने के लिए दूर जंगल में जाती थी। इस दौरान उसके बच्चे घोसले में अकेले रहते थे। जब चिड़िया दाना लेकर लौटकर आती तो बच्चे बहुत खुश होते और उसके द्वारा लाए गए दानो को खाते। एक दिन चिड़िया जब दाना लेकर लौटी तो उसने देखा कि उसके बच्चे बहुत डरे हुए हैं।

  • उसने बच्चों से पूछा "क्या बात है, बच्चों..? तुम सब इतने डरे हुए क्यों हो? " 

  • बच्चों ने बताया कि "आज किसान आया था और वह कह रहा था कि फसल अब पक चुकी है, मैं कल अपने बेटों से फसल काटने के लिए कहूँगा। अगर उसने फसल काटी तो हमारा घोसला टूट जाएगा, फिर हम कहाँ रहेंगे..?"

  • चिड़िया बोली, "फिक्र मत करो बच्चों, अभी खेत की फसल नहीं कटेगी।" 

  • सच में अगले दिन कोई फसल काटने नहीं आया। और चिड़िया के बच्चे बेफिक्र हो गए। 

  • लेकिन कुछ दिनों बाद चिड़िया के बच्चे फिर से डरे हुए मिले।

  • चिड़िया के पूछने पर बच्चों ने बताया" किसान आज भी आया था, और कह रहा था कि बेटे नहीं आये तो क्या हुआ? कल फसल काटने के लिए मजदूरों को भेजूंगा।"

  • इस बार भी चिड़िया ने बच्चों से कहा, "डरने की जरूरत नहीं है, फसल कल भी नहीं कटेगी।" 

  • ऐसे ही कुछ दिन और बीत गए। कोई फसल काटने के लिए नहीं आया। 

  • कुछ दिन बाद बच्चे फिर से डरे हुए थे। और उन्होंने चिड़िया को बताया की "आज किसान फिर से आया था और कह रहा था कि दूसरों के भरोसे रहकर मैंने फसल काटने में बहुत देर कर दी है। 

  • मैं कल खुद ही फसल को काटने आऊंगा। 

  • यह सुनकर चिड़िया बच्चों से बोली "अब हमें यह जगह छोडकर कोई सुरक्षित जगह चले जाना चाहिए। 

  • क्योंकि कल खेत की फसल जरुर कटेगी।"

  • वह तुरंत बच्चों को लेकर एक दूसरे स्थान में आ गई। 

  • जहाँ उसने कई दिनों से कड़ी से एक नया घोसला बनाया था।

  • अगले दिन चिड़िया और उसके बच्चों ने देखा कि किसान ने फसल काटनी शुरू कर दी है।

  • बच्चों ने बड़ी हैरानी से चिड़िया से पूछा "माँ, तुमने कैसे जाना कि खेत की फसल कट ही जाएगी"

  • चिड़िया ने बच्चों को बताया कि "जब तक इंसान किसी कार्य के लिए दूसरों पर निर्भर रहता है, वह कार्य पूरा नहीं होता है। लेकिन जब इंसान उस कार्य को खुद करने की ठान लेता है तो वो कार्य जरुर पूरा होता है। 

  • किसान जब तक दूसरों पर निर्भर था तब तक उसकी फसल नहीं कटी। लेकिन जब उसने खुद फसल काटने का फैसला किया तो उसकी फसल कट गयी। 

  • मित्रों, हमारे साथ भी यही होता है। जब तक हम किसी भी काम के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हैं, तो उस काम के होने की सम्भावना बहुत कम होती है। और अगर वो काम हो भी गया तो उस तरह से नहीं हो पाटा जैसे हम चाहते थे। लेकिन अगर वाही काम हम खुद करें तो वो काम समय पर हो भी जाएगा और जैसा हम चाहते हैं वैसा ही होता है। 

  • इसलिए अपने काम के लिए दूसरों पर निर्भर न रहें, जहाँ तक हो सके अपने काम को खुद ही करें। 









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