तुम प्रभु में अनमोल हो



 तुम प्रभु में अनमोल हो 



  •  एक चर्च में पास्टर ने हाथ में दो हजार का नोट लेकर लोगों को दिखाते हुए कहा मैं यह नोट किसी को देना चाहता हूँ...'आप में से कौन है जो इस नोट को लेना चाहता है?
  • बहुत से लोगों ने हाथ उठाया और कहने लगे हमें चाहिए!! 
  •  फिर पास्टर ने सभी के सामने उस नोट को हाथ में एक कागज के टुकड़े की तरह मरोड़ दिया और छोटी सी कागज की बौल बना दिया।
  •  पास्टर जी ने फिर पूछा क्या अभी भी कोई इसे लेना चाहता है? 
  •  इस बार फिर लोगों ने हाथ उठाया...और उस नोट को लेने की इच्छा जताई। 
  •  अब पास्टर जी ने नोट को लेकर उसे नीचे मिट्टी में गन्दा कर दिया....और पूछा क्या अब किसी को ये नोट चाहिए
  • सब ने इस बार भी हाँथ उठाया और नोट चाहा। 
  •  इस पर पास्टर जी ने कहा...आप इसे क्यों लेना चाहते हो...ये तो गंदा हो गया....
  •  तब एक बच्चे ने कहा गंदा है तो क्या हुआ? लेकिन उसका मूल्य अभी भी 2000 रूपये ही है।  
  •  इस बात पर पास्टर ने कहा सभी लोग इस बच्चे के लिए ताली बजाओ। 
  •    पास्टर जी ने कहा जीवन में भी हम कई बार गलती करते हैं अपनी जीवन रूपी दौड़ में गिरते हैं...अपने जीवन में हार का सामना करते हैं तो हमें लगने लगता है कि अब हमारी कोई कीमत नहीं है। 
  •  शैतान हमसे कहता है अब तुम्हारी कोइ जरूरत नहीं तुम किसी काम के नहीं...तुमसे कुछ नहीं हो सकता...संसार में तुम बोझ हो...आदि आदि..
  •  परन्तु स्मरण रहे इस नोट की ही तरह तुम कितने बार भी गिर क्यों न जाओ कितने बार भी असफल क्यों न हो जाओ तुम्हारी कीमत ...मूल्य कम नहीं हुई है...
  •  परमेश्वर कहते हैं तुम अनमोल हो...मास्टरपीस हो...मेरे द्वारा बनाए गए हो...स्पेशल हो...इस धरा की सर्वश्रेष्ठ रचना हो...तुम्हारे जैसा न कोई था न कोई होगा...भले कामों के लिए सृजे गए हो....तुम वो खजाना हो जिससे परमेश्वर प्रेम करता है और जिसके लिए अपना प्रिय पुत्र इस धरती पर भेजा है...
  • तुम प्रभु में अनमोल हो 

 God Says You Are Precious 


 (1 पतरस 2:9) तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजको का समाज, और परमेश्वर की निज प्रजा हो, इसलिए कि जिस ने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो।


(यिर्मयाह 1:5)गर्भ  में रचने से पहले ही मैं ने तुझ पर चित्त लगाया, और उत्पन्न होने से पहले ही मैं ने तुझे अभिषेक किया, मैंने तुझे जातियों का भविष्यवक्ता ठहराया


(यिर्मयाह 29:11)  क्योंकि यहोवा परमेश्वर की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएँ मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानि की नहीं, वरन कुशल ही की हैं, और अंत में तुम्हारी आशा पूरी करूँगा


(मत्ती 10:29) क्या एक पैसे में दो गौरैये नहीं बिकती? तौभी तुम्हारे पिता की इच्छा के बिना उन में से एक भी भूमि पर नहीं गिर सकती तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं इसलिए डरो नहीं, तुम बहुत गौरैये से बढ़कर हो




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