Plan of Jesus (Story)




उद्धार की योजना 

प्रभु यीशु प्रथ्वी में अपना उद्धारकार्य पूरा करके जब स्वर्ग पहुंचे तो अपने स्वामी और कर्ता की वापसी पर पूरा स्वर्ग आनंद से झूमने लगा । हजारो हजारो स्वर्गदूत प्रभु के स्वागत में गीत गा रहे थे फूलों को गिराकर उनका स्वागत किया जा रहा था ।
मंच में सिंहासन था और माइक भी एक स्वर्ग दूत ठीक कर रहा था प्रभु यीशु मंच में चढ़े और उन्होंने कुछ ही पलों में वो सब कुछ बयाँ किया जो प्रथ्वी में उन्होंने किया था...चमत्कार, उपदेश, छुटकारा आदि सब कुछ...
इसके बाद उन्होंने सिंहासन पर विराजमान होने से पहले, स्वर्गदूतों से सवाल पूछने के लिए कहा । सभी के बीच बड़ा सन्नाटा था । किसी की हिम्मत नहीं हो रही थी कि कुछ सवाल कर सके । तभी एक स्वर्ग दूत जिसके मन में सवाल उछाले मार रहा था...उससे बिना पूछे रहा नहीं गया तो उसने अपना हाथ उठाते हुए अपने स्थान में खड़ा हुआ...प्रभु ने हाँ हाँ ..पूछो  पूछो...क्या पूछना चाहते हो । बड़ी हिम्मत करके उसने पूछा । स्वामी आपने तो बड़े बड़े काम किये इस धरती के लोगो के लिए, मुर्दों को जिलाया, दुष्टात्मा से ग्रसित लोगों को चंगा किया, प्रत्येक बीमारियों से लोगों को ठीक किया । प्रभु आप तो परमेश्वर हैं सब कुछ कर सकते हैं परन्तु यह काम जारी रहे, लगातार चलता रहे इसके लिए आपने मास्टर प्लान क्या तैयार किया ।
यीशु ने मुस्कुरा कर कहा मैंने 12 चेलों को तैयार किया है सबसे ज्यादा मैंने अपना समय उन्हें तैयार करने में लगाया इतना सुनते ही जोर दार तालियों से स्वर्ग गूँज गया ।  प्रभु ने उस स्वर्ग दूत की ओर देखा और कहा तुम और भी कुछ पूछना चाहते हो वो भी पूछ लो ।  स्वर्ग दूत ने फिर हिम्मत जुटाई और कहा गुस्ताखी माफ परन्तु प्रभु मैं पूछना चाहता हूँ जो मेरे मन में चल रहा है कि ....स्वामी आपने तो अनपढ़ लोगों को मछुआरों को बिलकुल साधारण लोगों को अपने चेले बनाया...वे आपस में कौन बड़ा कौन बड़ा कह कर झगड़ते हैं...और तो और उनमें से एक तो आपके सामने ही चोरी करता था और आपको बेचने की योजना बना डाला था और मर भी गया ।  
प्रभु मैं केवल इतना पूछना चाहता हूँ यदि आपका उद्धार का काम में ये सभी फेल हो गए तो क्या आपने कोई और दूसरा प्लान बनाया है क्या?.....कोई दूसरा प्लान योजना जो इनके फेल होने पर काम कर सके....
सभी स्वर्गदूत ध्यान से शांत होकर बड़ी जिज्ञासा से प्रभु यीशु का उत्तर की प्रतीक्षा कर रहे थे
प्रभु ने अपना मुंह खोला और बोला...नहीं कोई दूसरी योजना नहीं...
मेरी यही प्रार्थना है ये लोग फेल न हों...केवल इन्हें ही यह सब पूरा करने के लिए मैंने इन्हें धरती और आकाश (स्वर्ग) की कुंजियाँ दी हैं । और सभा समाप्त हुई......


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