पाप का भार




हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। (मत्ती 11:28)

कलीसिया के एक पास्टर ने अपनी कलीसिया में एक पानी से भरा हुआ ग्लास को लेकर सामने खड़े होकर कुछ शिक्षा देना चाहा। सबने ग्लास को देख कर सोचा आज पास्टर वही पुराना सवाल करेंगे, ‘कि ग्लास आधा भरा है या आधा खाली...परन्तु तभी पास्टर ने पूछा...इस ग्लास का कितना भार होगा...किसी ने कहा 200 ग्राम किसी ने कहा एक पाव...125 ग्राम आदि...
पास्टर ने कहा मुझे भी इसका भार नहीं मालूम इसे तो केवल तौल कर बताया जा सकता है ।

“लेकिन यदि मैं इस ग्लास को थोड़ी देर ताक इसी तरह उठाकर पकड़ा रहूँ तो क्या होगा?”  

सभी विश्वासियों ने एक साथ मिलकर कहा. “कुछ भी नहीं...।”

पास्टर ने पूछा, यदि मैं इसे एक घंटे तक उठाए पकड़ा रहूँ तो क्या हो सकता है?

किसी भाई ने कहा आपका हाथ दर्द करने लगेगा...बहुत सही पास्टर ने अपना सर हिलाते हामी भरी...तुम सही कह रहे हो ।

अच्छा यदि मैं इसे इसी तरह पूरे दिन उठाए रहूँ तो क्या होगा?

सभी अलग अलग जवाब देने लगे पूरी कलीसिया में हलचल सी होने लगी...किसी ने कहा आपका हाथ सूज जाएगा...आपके हाथ में लकवा लग जाएगा...किसी ने कहा आपका हाथ बहुत तनाव से खराब हो सकता है...इस तरह सभी ने अपने अपने सुझाव दिए...

पास्टर ने मुस्कुराते हुए पूछा...अच्छा ये बताओ क्या इतने समय में ग्लास के वजन में कुछ बदलाव आया?

सभी का उत्तर था...‘नहीं’। तब फिर हाथ में दर्द या तनाव क्यों आया???
सवाल सुनकर सभी भाई-बहनें आश्चर्य में थे!!

पास्टर ने पूछा अच्छा अब बताओ दर्द से छुटकारा पाने के लिए मैं क्या करूँ???
एक विश्वासी बहन ने कहा,  'पास्टर जी आप ग्लास को नीचे रख दीजिए'...
पास्टर ने कहा... 'बिलकुल सही।' 

जीवन की समस्या और पापों के साथ भी ऐसा ही है...
इन्हें कुछ देर तक आप अपने पास रखते हैं, दिल में रखते हैं तो लगता है, सब कुछ ठीक है लेकिन जब थोड़ा ज्यादा देर होने लगती है, तो वो पाप वो समस्याएं आपको पीड़ा देने लगती हैं... और इन्हें यदि आप और भी देर तक पालते हैं तो आपके दिल दिमाग परिवार में असर डालने लगती हैं लेकिन यदि आपने इसे अपने अंदर महीनों सालों रखा तो यह आपको पूरी तरह लकवाग्रस्त कर आपका सत्यानाश कर सकती हैं न केवल आपको, आपके परिवार को यहाँ तक कि समाज और देश में भी इसका दुष्प्रभाव हो सकता है। फिर एक ऐसा भी समय आता है जब आप कुछ भी नहीं कर पाएंगे। इसलिए आज प्रभु यीशु का आह्वान है बुलाहट है...यदि आप उसका शब्द सुनों तो अपना ह्रदय कठोर मत करो...
अपना बोझ प्रभु पर डाल कभी न घबराना तेरा आदर मान करेगा आश्चर्य कर्म करेगा...


इन कहानियों को भी अवश्य पढ़ें 




यदि आपके पास हिंदी में कोई सरमन, प्रेरणादायक कहानी, आपकी लिखी कविता या रोचक जानकारी है, जो आप सभी के आशीष के लिए हमारे साथ सेयर करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ ईमेल करें। हमारी id है: rajeshkumarbavaria@gmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ पब्लिश करेंगे धन्यवाद!!


No comments:

Post a Comment

Thanks for Reading... यदि आपको ये कहानी अच्छी लगी है तो कृपया इसे अपने मित्रो को शेयर करें..धन्यवाद

घमंड. परमेश्वर के साथ चलने की सबसे बड़ी बाधा

मित्रों प्रभु यीशु में आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार, हम कुछ सप्ताह से सीख रहे हैं कि कैसे हम परमेश्वर के साथ-साथ चल सकते हैं...पवित्रश...

Followers