भविष्य की योजना ( कहानी )





भविष्य की योजना 
अपने कामों को यहोवा पर डाल दे, इससे तेरी कल्पनाएँ सिद्ध होंगी 
नीतिवचन 16:3
      एक छोटा सा देश था वहाँ अजीब सा नियम था, कि उस देश के लोग आपस में चुनाव करके अपने लिए एक राजा बना लिया करते, और पांच साल के बाद उस राजा को एक जंगल में मरने के लिए डाल देते जहाँ शेर चीते जहरीले सांप आदि अनेक जानवर रहते थे। अनेकों राजा इस जंगल में मर चुके थे. इस अजीब से नियम के कारण कोई भी व्यक्ति इस देश का राजा बनना नहीं चाहता था
 इस बार फिर देश का एक नया राजा चुना गया इस बार भी पिछले कई राजाओं की भांति इस नए राजा ने भी पांच साल खूब मजे से राज्य किया अब जैसे ही राजपाठ के  पांच साल पूरे हुए तभी देश के बड़े बड़े नेता और अधिकारी जो आज तक इस राजा के अधीन थे उठ खड़े हुए और इस नए राजा को बांधकर जंगल की ओर ले जाने लगे तभी राजा ने बड़ी ही निडरता से कहा, तुम मुझे क्यों बांध रहे हो...आप जहाँ चलने को कहें मैं चलने को तैयार हूँ सभी आश्चर्यचकित थे की क्या राजा को यह नहीं पता की उसे जंगल में डाला जाएगा वह मरने वाला है।  राजा पूरे राज्य के बीच बड़े आनन्द के साथ नाचते गुनगुनाते जाने लगा..राज्य के सभी नागरिक आपस में बातें करने लगे, लगता है मौत के भय से राजा पागल हो गया है। राजा के हाथो को बांधकर नदी के पार जंगल में डालने के लिए एक जल्लाद को सौंप दिया गया। और सभी अधिकारियों ने उस जल्लाद से जो नाविक भी था. कहा इस राजा को उस घने जंगल में डाल देना. नाविक नदी के बीच ही पहुंचा था की उसे राजा को बड़ा ही खुश देखकर आश्चर्य से पूछ बैठा. राजा जी, आप इतना खुश क्यों हैं क्या आपको नहीं पता की आप उस जंगल में मरने जा रहे हैं ...फिर इतना खुश कैसे...राजा ने कहा...सुन नाविक किसी ने मुझसे नहीं पूछा इसलिए मैने बताया भी नहीं...क्योकि तूने पूछा है...इसलिए मैं तुझे बताता हूँ। मैं जिस साल राजा बना उसी दिन से जानता था की मेरा राजपाठ केवल पांच सालों के लिए होगा इसलिए मैंने पहले साल ही अपने कुछ सैनिकों को भेज कर उस जगंल के सारे जंगली जानवरों को मरवा डाला...दूसरे साल मैंने कुछ चुने हुए लकड़हारो को भेजकर उस जंगल के जगंली पेड़ कटवाकर फलों के पेड़ लगवा दिया....तीसरे साल मैंने वहां कुछ राजमिस्त्री को भेजकर एक सुन्दर महल और एक नगर बनाने को भेजा...चौथे और पांचवे साल वहां एक नऐ राज्य की पूरी तैयारी की गई...अब वो राज्य अपने नए राजा का इतंजार कर रहा है यहाँ तो मैं केवल पांच साल के लिए राजा था लेकिन वहाँ मैं हमेशा के लिए राजा रहूँगा । हम भी इस धरती पर कुछ वर्षों के लिए हैं और जो कुछ हम करते और विश्वास करते वह यह निश्चय करता है कि हम अपना अनंत काल कहाँ पर बिताएंगे नरक में या स्वर्ग में यदि हम प्रभु यीशु पर विश्वास करते हैं और भले कामों को करते हैं तो हम अपना स्वर्ग में स्थान निश्चित कर रहे हैं और  स्वर्ग जाकर हमेशा राज्य करेंगे ।
प्रभु आपको बहुत आशीष दे... 



इन कहानियों को भी अवश्य पढ़ें










यदि आपके पास हिंदी में कोई सरमन, प्रेरणादायक कहानी, आपकी लिखी कविता या रोचक जानकारी है, जो आप सभी के लिए आशीष के लिए हमारे साथ सेयर करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ ईमेल करें। हमारी id है: rajeshkumarbavaria@gmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ पब्लिश करेंगे धन्यवाद!!


No comments:

Post a Comment

Thanks for Reading... यदि आपको ये कहानी अच्छी लगी है तो कृपया इसे अपने मित्रो को शेयर करें..धन्यवाद

मित्रों कई बार हमारे मनो में ख्याल आता है, कि हमें बाइबल क्यों पढना चाहिए?  इसके लिए बाइबल से ही मैं आपको जवाब देना चाहती हूँ मैं ...

Followers