Thursday, November 15, 2018

दसवांश




दसवांश


क्या मनुष्य परमेश्वर को धोखा दे सकता है? परन्तु देखों तुम मुझ को धोखा देते

 हो, और पूछते हो हमने 

किस बात में तुझे लूटा है? दशमांश और उठाने की भेटों में।
(मलाकी3:8)

एक व्यक्ति बहुत ही उदास होकर नीचे की ओर सिर झुकाए बैठा था।  वह बड़ा ही परेशान था कि उसे स्नातक की पढाई करने पर भी कोई नौकरी मिल रही थी। उसी समय वहां से एक व्यापारी निकला जिसका चावल का कारोबार था उसकी कई चावल की मील थीं। व्यापारी इस निराश नौजवान को देखकर रुक गया और पूछने लगा, ‘क्या हुआ भाई जी?

बड़े निराश दिख रहे हो देखने से तो पढ़े लिखे लग रहे हो’। उस जवान ने अपना दर्द बताते हुए कहा। मुझे कोई भी नौकरी नहीं दे रहा है और घर की आर्थिक हालत भी ठीक नहीं चल रही...समझ में नहीं आ रहा करूं तो क्या करूं? इस उदार व्यापारी को जवान की हालत पर दया आ गयी और उसने उसे एक प्रस्ताव दिया, ‘क्या तुम मरे व्यवसाय में मेरे पार्टनर बनोगे? क्या तुम चावल का व्यापार करोगे?’...मेरे पास चावल कि कई मीले हैं,’ तुम चावल के बोरों को बाजार में बेचना। इस तरह तुम मेरे व्यापार में मेरे पार्टनर बन सकते हो। यह सुनते ही जवान को अपने कानो पर विश्वास ही नहीं हुआ और वह व्यापारी से पूछा, क्या??? पार्टनर...! कितना प्रतिशत आपको देना होगा क्या सत्तर, अस्सी या नब्बे प्रतिशत? व्यापारी ने मुस्कुराते हुए कहा, केवल दस प्रतिशत मुझे देना...बाकी सब तुम रख लेना मेरे पास बहुत कुछ है, मैं चाहता हूँ कि तुम इमानदारी से मेहनत से सफल हो जाओ।
यह जवान उसी दिन से काम पर लग गया और खूब मेहनत करने लगा। रोज मंडी जाता बहुत माल बेचता और कुछ ही दिनों में इसकी हालत में सुधार हो गया। अब कई महीने बीत चुके थे उसने व्यापारी को देखा भी नहीं...कोई मुलाक़ात भी नहीं हुई। इन दिनों जवान ने अपना घर भी खरीद लिया अपने लिए गाड़ी भी ले ली और जल्द ही शादी भी होने वाली थी। तभी उसने देखा एक दिन सुबह सुबह वो व्यापारी उसके घर आ पंहुचा...और सब कुछ कैसा चल रहा है? व्यापारी ने पूछा। जवान ने बड़े खुश होकर कहा बहोत ही बढिया, खूब मेहनत कर रहा हूँ ...व्यापारी ने कहा तुम बहुत समय से मिलने नहीं आये और तुमने वो दस प्रतिशत नहीं पहुंचाए। इतने समय तक वो दस प्रतिशत बहुत ज्यादा रकम हो चुकी थी। जवान ने बड़े ही झिझकते बोला  व... वो.. वो..सर जी देखो सारी मेहनत तो मैं ने की है। और फिर आपके पास तो कितनी दौलत है फिर आप को यह दस प्रतिशत की क्या जरूरत??? आप स्वयं बताओ क्या ये सब मैंने अपनी मेहनत से नहीं कमाया ???



इन कहानियों को भी अवश्य पढ़ें 





यदि आपके पास हिंदी में कोई सरमन, प्रेरणादायक कहानी, आपकी लिखी कविता या रोचक जानकारी है, जो आप सभी के लिए आशीष के लिए हमारे साथ सेयर करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ ईमेल करें। हमारी id है: rajeshkumarbavaria@gmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ पब्लिश करेंगे धन्यवाद!!

2 comments:

Thanks for Reading... यदि आपको ये कहानी अच्छी लगी है तो कृपया इसे अपने मित्रो को शेयर करें..धन्यवाद

Hindi Bible Study By Sister Anu John / बहन अनु जॉन के द्वारा हिंदी बाइबिल स्टडी (Audio)

बहन अनु जॉन के द्वारा हिंदी बाइबिल स्टडी (ऑडियो) सिस्टर अनु जॉन परमेश्वर की सेविका हैं, जो अपने पति पास्टर जॉन वर्गिस के साथ परमे...

Followers