पुराने नियम का उडाऊ पुत्र

सुनिए हिंदी पॉडकास्ट (बाइबल की कहानी मेरी जुबानी )



नए नियम के उडाऊ पुत्र के समान ही एक घटना हम पुराने नियम में भी पाते हैं जिसे हम पुराने नियम का उडाऊपुत्र कह सकते हैं ---

(2 इतिहास 33 :1-13 )मनश्शे एक परमेश्वर के भय मानने वाले एक अच्छे राजा हिजकिय्याह का पुत्र था। मनश्शे  जब यहूदा देश का राजा बना तब वह 12 वर्ष का था और 55 वर्ष तक राज्य करता रहा । मनश्शे सबसे दुष्ट राजाओं में से एक था

उनके पिता, हिजकिय्याह ने अपने शासनकाल के दौरान कई अच्छी चीजें की थीं, और उन्होंने सच्चे परमेश्वर यहोवा की अराधना और सेवा की थी, परन्तु मनश्शे ने अपने पिता के उदाहरण से कुछ भी नहीं सीखा।

(v. 4-8) दरअसल, मनश्शे ने इतनी दुष्टता की कि उसने पूरे देश को सच्चे परमेश्वर से दूर कर दिया। मनश्शे ने लोगों को  परमेश्वर की आराधना करने से न केवल दूर किया, बल्कि झूठे देवताओं की पूजा करने के लिए उन्होंने मूर्तियों और वेदियों को भी स्थापित किया। उसने एक मूर्ति भी बनाई और उसे मंदिर में रखा जो सुलैमान ने सच्चे परमेश्वर के लिए बनाया था। इसके अलावा, मनश्शे इतना दुष्ट था कि उसने धार्मिक अनुष्ठानों में उन्हें झूठी मूर्तियों और देवताओं के लिए मार कर अपने बच्चों को त्याग बलि दिया।

(v. 10) बाइबल बताती है कि परमेश्वर ने उसके पिता के भले कामों के कारण मनश्शे पर अपनी कृपा यहाँ तक दिखाया कि इतना दुष्टता का काम करने के बाद भी उससे बातें करने के लिए अपने भविष्यवक्ताओं को भेजता रहा। परन्तु न तो मनश्शे ने और उसके लोगों ने कुछ ध्यान दिया। परमेश्वर कभी नहीं चाहता कि एक अधर्मी भी नाश हो जाए इसलिए वह अपने लोगो के द्वारा पासवानों के द्वारा, वचनों के द्वारा बातें करते रहते हैं...

(v,11) इस दुष्टता के कारण, यहोवा परमेश्वर ने अश्शूर सेना को मनश्शे और यहूदा के विरुद्ध भेजा। अश्शूरियों ने मनश्शे पर कब्जा कर लिया, उसे बेड़ियों और नाक में नकेल डाल कर कैदी और गुलाम बना उसे बालुल में खीच कर ले गए...

 (v. 12)    बाबुल में रहते हुए, मनश्शे ने अपने पाप को महसूस किया, और कहने लगा मैं गलत था मुझसे गलती हो गई कि मैं अपने पिता के सच्चे जीवते परमेश्वर को भूल गया। दूसरे शब्दों में वह आपे में आया कई बार सबकुछ खोने के बाद ही मनुष्य आपे में आता है जैसे उड़ाऊ पुत्र...।। और बाइबल कहती है, "उसने अपने परमेश्वर यहोवा से आग्रह किया, और अपने पूर्वजों के परमेश्वर के सामने बहुत नम्र होकर प्रार्थना की; और उसकी प्रार्थना सुनी गई, और उसे वापस अपने राज्य में यरूशलेम में लाया।

 (v. 13)  तब मनश्शे को निश्चय हो गया कि यहोवा ही जीवित और सच्चा परमेश्वर है। परमेश्वर उसका पिता के समान 55 वर्षों तक इंतजार करता रहा, उसे आशीषित करना चाहता था परमेश्वर हम से भी प्यार करता है आशीष देना चाहता है...


लेकिन मनश्शे का पश्चाताप केवल उसके पाप के लिए खेद नहीं था। जब वह यरूशलेम लौट आया, तो बाइबल बताती है कि उसने "परमेश्वर के भवन से देवताओं और मूर्तियों को हटा दिया, और यहोवा परमेश्वर के मन्दिर में  और यरूशलेम में बनाई गई सभी वेदियां शहर से बाहर निकाल दिया। उसने यहोवा की वेदी की मरम्मत की, और सच्चे परमेश्वर की आराधना की और उसे  धन्यवाद चढ़ाया, और यहूदा को इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की सेवा करने का आदेश दिया "(2 इतिहास 33: 15-16)।

मनश्शे एक दुष्ट राजा था जिसने अपने तरीकों की गलती देखी और सच्चे परमेश्वर की ओर रुख किया। हमें आभारी होना चाहिए कि परमेश्वर सचमुच बहुत ही दयालु और विलम्ब से क्रोध करने वाले हैं । यदि हम कुछ गलत कर रहे हैं, तो ध्यान दें उसकी महाकरुणा है कि हम नाश नहीं हो गए... हम मनश्शे की तरह हमारे पाप से पश्चाताप करें और हमारे सच्चे परमेश्वर प्रभु यीशु की ओर लौट आएं,  परमेश्वर भी हमें क्षमा करने के लिए अपनी दया दिखाएंगे। परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र प्रभु यीशु को इस धरती पर इसीलिए भेजा की हम उस पर विशवास करके अपने सभी पापों से मुक्त हो जाएं और अनंत जीवन पाएं....प्रभु यीशु के नाम से सारे पाप गलतियाँ क्षमा होती हैं और पिता परमेश्वर की आशीषे प्राप्त होती हैं...

प्रभु आपको आशीष दे.....





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7 comments:

  1. God bless you,brother.Well done.

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    1. धन्यवाद प्रभु आपको भी आशीष दे

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    2. Wow very nice msg God bless you brother

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  2. बहुत बहुत धन्यवाद आपके प्रोत्साहन के लिए ...यदि आपको ये कहानियां अच्छी लगे तो कृपया इसे अपने मित्रों को भी शेयर करें धन्यवाद प्रभु आपको आशीष दे

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  3. This comment has been removed by the author.

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Thanks for Reading... यदि आपको ये कहानी अच्छी लगी है तो कृपया इसे अपने मित्रो को शेयर करें..धन्यवाद

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