Motivational Short Story (बोलने वाली चिड़िया)





बोलने वाली चिड़िया

जैसे चाँदी की टोकरियों में सोने के सेब हों, वैसा ही ठीक समय पर कहा हुआ वचन होता है. (नीतिवचन 25:11)


एक आदमी ने एक बोलने वाली चिड़िया के बारे में सुना जो पांच भाषाएँ बोल सकती थी और वह आदमी इसकी तलाश में पूरी दुनिया छान माराआखिरकार उसे पता चला कि वो चिड़िया जापान में मिल सकती है और वह आदमी उस चिड़िया को लेने के लिए जापान गया और एक थका देने वाली खोज के बाद वह पालतू पक्षियों की दुकान में जाकर उस दुर्लभ चिड़िया को पाकर बहुत ही खुश हुआ और उसे खरीद लिया
उसने अपने मालिक को बताया की वह कुछ दिनों के लिए बाहर जा रहा है, इसलिए वह दो दिन में चिड़िया को उसके घर पर भिजवा दे जब वह दो दिन बाद घर आया, तो उसने अपनी पत्नी से पूछा कि, “चिड़िया कहाँ है?” पत्नी ने कहा, “ ओवन में (चूल्हे में) ” “क्या ??? वह अपनी तरह की एकलौती चिड़िया थी, जो पांच भाषाएँ बोल सकती थी।“ इस पर उसकी पत्नी ने कहा, “तो फिर उसने कुछ बोला क्यों नहीं?” हममें से अधिकांश उस चिड़िया की तरह होते हैं हममें ऐसी योग्यताएं और क्षमताएँ होती हैं, जो हमारी जिन्दगी बदल सकती हैं, परन्तु हम बोलते नहीं हैं; हम दुनिया को दिखाते ही नहीं हैं कि हमारे पास देने को क्या है!
     मित्रों, दूसरों को अपनी योग्यताओं और क्षमताओं के विषय में जानने दें, कि वास्तव में आप भी दुर्लभ हैं. कोई भी पूरी तरह आप नहीं हो सकता...कोई भी नहीं


इन कहानियों को भी अवश्य पढ़ें 

No comments:

Post a Comment

Thanks for Reading... यदि आपको ये कहानी अच्छी लगी है तो कृपया इसे अपने मित्रो को शेयर करें..धन्यवाद

मित्रों कई बार हमारे मनो में ख्याल आता है, कि हमें बाइबल क्यों पढना चाहिए?  इसके लिए बाइबल से ही मैं आपको जवाब देना चाहती हूँ मैं ...

Followers